Friday, December 26, 2008

फारूकी


दुःख तू यह हे के अपने ही हाथों
घिर महफूज़ हू गया जीवन

हम ने घाम में इलाज दूंध लिया
वरना सुब ला-इलाज बैठे हैं

इशाक की राह पर्ने वलून को
हिजर बी-चैन कर के मरता हे

अपना अपना नसीब होता हे
हम भरे शहर में अकेले हैं

तुम ने दिल का कहा, तू फिर सुन लू
हम ने बुक्सा तुम्हें कियामत तक

2 comments:

Big Boss on December 28, 2008 at 8:06 AM said...

प्यार का इजहार

कॉलेज में नए-नए पहुंचे संता को अपनी टीचर से ही प्यार हो गया पर वह इजहार नहीं कर पा रहा था।

आखिर एक दिन मौका पाकर काफी हिम्मत जुटा कर उसने मिमियाती सी आवाज में कहा - आई लव यू ....

टीचर ने गुस्से से कहा - इतना धीरे क्यों बोल रहे हो ? जोर से नहीं कह सकते ?

संता जोर से बोला - आई लव यू दीदी .....

Big Boss on December 28, 2008 at 8:08 AM said...

पेट्रोल खत्म

एक सुनसान रास्ते पर कार अचानक रुक गई। नौजवान ने अपने साथ बैठे हसीन हमसफर की ओर शरारत भरी नजर डाली और मुस्कुराकर बोला - ''पेट्रोल खत्म''।

लड़की ने पीछे की सीट पर रखे अपने बैग से एक फ्लास्क निकालते हुए कहा - ''मुझे पूरा अंदेशा था कि ऐसा जरूर होगा।''

''इस फ्लास्क में क्या है ? कॉफी या जूस ?'' लड़के ने अपनी सीट पर आराम से पसरते हुये पूछा।

''पेट्रोल'', लड़की ने जवाब दिया।

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